25 लोग अस्पताल में भर्ती, गंभीर रूप से घायल 11 वर्षीय बच्ची मुंबई रेफर
ठाणे : महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण पश्चिम इलाके में रविवार को एक रेबीज संक्रमित आवारा कुत्ते ने करीब सात घंटे तक आतंक मचाए रखा। आक्रामक कुत्ते ने राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और ऑटो-रिक्शा में सवार लोगों समेत करीब 130 लोगों को काट लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घायलों में 25 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल 11 वर्षीय बच्ची को बेहतर इलाज के लिए मुंबई रेफर किया गया है।
नगर निकाय के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, कुत्ते के हमले की शुरुआत रविवार दोपहर करीब दो बजे संदीप होटल इलाके से हुई। इसके बाद कुत्ता आसपास की सड़कों और गलियों में दौड़ने लगा और राह चलते लोगों पर झपटकर हमला करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुत्ता कई लोगों पर पीछे से हमला कर रहा था, जिससे उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिल रहा था।
कुत्ते के हमले की खबर फैलते ही बिरला कॉलेज रोड, पुराने आरटीओ कार्यालय और भोईरवाड़ी इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने घरों के दरवाजे बंद कर अंदर रहने को मजबूर हो गए। अभिभावकों ने बच्चों को घरों से बाहर निकलने और खेलने के लिए जाने से रोक दिया।
कई घंटे तक घरों में दुबके रहे लोग
लगातार हो रहे हमलों के कारण इलाके में कई घंटे तक भय का माहौल बना रहा। लोग जरूरी काम के लिए भी घरों से निकलने से बचते रहे। पैदल राहगीरों के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों में भी कुत्ते को लेकर काफी डर देखा गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस और नगर निकाय को सूचना देकर तत्काल कुत्ते को पकड़ने की मांग की।
केडीएमसी के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोगों के कुत्ते के काटने की सूचना मिलने के बाद घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें 25 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल 11 वर्षीय बच्ची को विशेषज्ञ उपचार के लिए मुंबई भेजा गया है।
कुत्ते को पकड़ने में जुटी केडीएमसी की टीम
घटना की सूचना मिलते ही कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई। अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ कुत्ते को पकड़ने के प्रयास शुरू किए। लोगों से अपील की गई है कि वे आवारा और आक्रामक कुत्तों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नगर निकाय या पुलिस को दें।
एक ही कुत्ते के हमले में इतने बड़े पैमाने पर लोगों के घायल होने की घटना ने इलाके में आवारा कुत्तों और रेबीज की रोकथाम को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने नगर निकाय से आवारा कुत्तों की नियमित निगरानी, टीकाकरण और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।