
निर्देशों के अनुसार, संबंधित परिसर में मौजूद पेट्रोलियम और केमिकल भंडारण टैंक, रेत, मलबा तथा अन्य कचरे को हटाकर जगह का आवश्यक पुनर्स्थापन (Restoration) करने की कार्रवाई की जानी है।
इस निर्देश का पर्यावरण कार्यकर्ता संदीप शुक्ला, अन्य शिकायतकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने स्वागत किया है। लंबे समय से चले आ रहे पर्यावरण और CRZ नियमों से जुड़े विवाद की पृष्ठभूमि में इस आदेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि महुल–पीर पाऊ क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और तटीय क्षेत्र से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। अब संबंधित एजेंसियों द्वारा निर्देशों के अनुसार टैंक, मलबा और कचरा हटाकर क्षेत्र को पूर्व स्थिति में बहाल करने की कार्रवाई पर नजर रहेगी।