मुंबई : मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गोवा से संचालित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में गुजरात और महाराष्ट्र के कई निवासी शामिल हैं। इनमें हार्दिक किशोरभाई वढेरा, इलियास जान मोहम्मद मेमन (मुंबई), राज अल्पेशभाई वाला, रुद्र महेंद्रभाई मच्छोर, निकुंज कालुभाई पटेल, योगेश प्रफुलभाई सोलंकी, रामभाई जगभाई मुंडवा, विशाल प्रकाशभाई बोरानिया, भाविनकुमार अरविंदभाई डांगासिया, केरुल वंदुभाई रोडानी, हितेन मुकेशभाई सोलंकी और युवराज भरतसिंह राणा के नाम शामिल हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह गिरोह देश और विदेश के लोगों को ऑनलाइन निवेश, फर्जी नौकरी, डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से करोड़ों रुपये की चपत लगा रहा था।
पुलिस के मुताबिक, ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों और शेल कंपनियों के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजकर उसका स्रोत छिपाया जाता था। इसके बाद रकम को हवाला और अन्य माध्यमों से विदेशों तक पहुंचाने की भी आशंका है।
क्राइम ब्रांच ने तकनीकी निगरानी, बैंकिंग लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कई दिनों तक जांच की। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद गोवा में एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां से 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
जांच अधिकारियों का कहना है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों और विदेशों तक फैला हो सकता है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके अन्य सहयोगियों, बैंक खातों और ठगी से अर्जित संपत्ति का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।