भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच लोकतांत्रिक अधिकारों की उठी आवाज
मुंबई : मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में छात्रों, अभिभावकों और युवाओं ने देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया। मुंबई के विभिन्न कॉलेजों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लगभग 2,000 लोग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। आंदोलन केवल शिवाजी पार्क तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चेंबूर के अंबेडकर गार्डन और पवई स्थित IIT-बॉम्बे के आसपास भी प्रदर्शन हुए।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तिरंगा और तख्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग उठाई। बड़ी संख्या में छात्र शांतिपूर्ण ढंग से नारे लगाते हुए शिवाजी पार्क पहुंचे। सोशल मीडिया और आपसी संपर्क के माध्यम से आयोजित इस प्रदर्शन की कोई एक केंद्रीय नेतृत्व समिति नहीं थी, फिर भी युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
आंदोलन को देखते हुए मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। कई स्थानों पर नाकाबंदी की गई और कुछ लोगों को एहतियातन हिरासत में भी लिया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि शांतिपूर्ण विरोध को रोकने का प्रयास किया गया, जबकि पुलिस का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
इस प्रदर्शन में कई अभिभावक और सामाजिक कार्यकर्ता भी छात्रों के समर्थन में शामिल हुए। फिल्म अभिनेता इमरान खान भी शिवाजी पार्क पहुंचे और छात्रों के साथ पैदल मार्च करते हुए उनके आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज़ सुनी जानी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। दूसरी ओर, प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है।