- राहुल गांधी पीएम आवास मार्च के दौरान एहतियातन हिरासत में लिए गए।
- प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई विपक्षी नेता भी हिरासत में लिए गए।
- प्रदर्शन छात्रों से जुड़े मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था के विरोध में था।
- बाद में सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।
- कांग्रेस ने कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताया, जबकि पुलिस ने इसे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कार्रवाई बताया।

नई दिल्ली : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को मंगलवार को उस समय दिल्ली पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया, जब वे कांग्रेस नेताओं और विपक्षी सांसदों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास की ओर मार्च कर रहे थे। यह प्रदर्शन हाल की परीक्षा अनियमितताओं, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के विरोध में आयोजित किया गया था।
पुलिस ने सुरक्षा कारणों और क्षेत्र में लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेताओं को पुलिस वाहन से हिरासत में लेकर निर्धारित स्थान पर ले जाया गया। बाद में सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।

कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार छात्रों की आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार का हनन किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार जवाब देने के बजाय विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है।
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र किसी भी प्रकार के मार्च की अनुमति नहीं थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निषेधाज्ञा का पालन सुनिश्चित करने के लिए एहतियातन कार्रवाई की गई।
इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए सरकार की आलोचना की, जबकि भाजपा ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी को भी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती।