मुंबई : मुंबई की सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने एक विशेष अभियान के तहत चोरी और गुम हुए 1,665 मोबाइल फोन, जिनकी कुल कीमत लगभग 2.49 करोड़ रुपये है, बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। यह अभियान मुंबई उपनगरीय रेलवे नेटवर्क में बढ़ती मोबाइल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाया गया।
रेलवे पुलिस आयुक्त एम. राकेश कलासागर के नेतृत्व में चलाए गए “स्पेशल रिकवरी ड्राइव-III” के दौरान वर्ष 2024 से जून 2026 के बीच चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया। बरामद मोबाइलों का वितरण 17 जुलाई को घाटकोपर स्थित जीआरपी मुख्यालय के नवरंग हॉल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में किया गया।
साइबर तकनीक बनी सबसे बड़ा हथियार
मोबाइल फोन बरामद करने के लिए रेलवे पुलिस की सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे इकाइयों, साइबर सेल और स्थानीय रेलवे पुलिस स्टेशनों की संयुक्त टीमों ने IMEI नंबर और अन्य डिजिटल तकनीकों की मदद से मोबाइलों का पता लगाया। जांच में सामने आया कि कई चोरी किए गए मोबाइल महाराष्ट्र से बाहर अन्य राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे। इसके बाद संबंधित राज्यों की पुलिस के सहयोग से कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मोबाइल बरामद किए गए।
मालिकों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
मोबाइल वापस मिलने पर बड़ी संख्या में लोगों ने रेलवे पुलिस का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मौजूद कई शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया या चोरी हुआ मोबाइल दोबारा मिल सकेगा। पुलिस द्वारा आधुनिक तकनीक और त्वरित कार्रवाई के कारण वे अपने मोबाइल वापस पा सके।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
रेलवे पुलिस आयुक्त एम. राकेश कलासागर ने कहा कि यात्रियों और उनके सामान की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मोबाइल चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने और अधिक से अधिक चोरी हुए मोबाइल बरामद करने के लिए ऐसे विशेष अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।