प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे अलीगंज स्थित उषा मेहता मार्ग की एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत से धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कोचिंग सेंटर, गेमिंग जोन तथा अन्य कार्यालय इसकी चपेट में आ गए। इमारत में मौजूद छात्र और कर्मचारी अंदर फंस गए, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई।

जान बचाने के लिए कूदे छात्र
सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर सामने आए वीडियो में कई छात्र धुएं और आग से बचने के लिए पहली मंजिल तथा ऊपरी हिस्सों से नीचे कूदते दिखाई दिए। कुछ छात्रों को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए।
राहत और बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। आग पर काबू पाने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म समेत विशेष उपकरणों का उपयोग किया गया। बचाव दल ने इमारत में फंसे लोगों को निकालने के लिए खिड़कियां और दीवारें तोड़कर रास्ता बनाया।
अस्पताल में 22 लोगों को लाया गया
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के अधिकारियों के अनुसार, 21 से 22 लोगों को अस्पताल लाया गया। इनमें 15 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि कई घायल छात्रों का इलाज जारी है। मृतकों में अधिकांश की उम्र 19 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। वहीं प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की।
जांच के आदेश
प्रशासन ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या विद्युत प्रणाली में खराबी की जताई जा रही है, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। इस घटना ने कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।