मुंबई : प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल ऑफिस-1 ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अल्फारा इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (AIPL), उसके निदेशकों और सहयोगियों से जुड़े मुंबई व दिल्ली के 11 ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई में 18 लाख रुपये नकद और 9,567 अमेरिकी डॉलर जब्त किए गए। वहीं करीब 1.02 करोड़ रुपये की एफडी, 1.75 करोड़ जापानी येन और 1,03,145 अमेरिकी डॉलर की एफडी फ्रीज की गई है।
ED के मुताबिक, कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर CBI की आर्थिक अपराध शाखा, चेन्नई में दर्ज FIR के आधार पर की गई। जांच के अनुसार, सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी AIPL ने 2012 में बैंक से 103 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा ली थी, जिसे 2015 में बढ़ाकर 360.50 करोड़ रुपये कर दिया गया। 18 जून 2018 को खाते को NPA घोषित किया गया, तब बकाया करीब 255.74 करोड़ रुपये था।
जांच में सामने आया कि कंपनी की करीब 75.02 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट देनदारियां बैंक को चुकानी पड़ीं, जबकि 164.59 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भुना ली गईं। ED का आरोप है कि अपराध से अर्जित रकम को विभिन्न लाभार्थी व मध्यस्थ कंपनियों के जरिए कई स्तरों पर घुमाकर AIPL और उसकी समूह कंपनियों में वापस लाया गया।
ED के अनुसार, कुछ विदेशी बैंक गारंटी ग्लेज्ड टाइल्स के निर्यात के नाम पर खोली गईं, जबकि वास्तविक निर्यात नहीं हुआ। इसके बावजूद रकम सिंगापुर और हांगकांग की संस्थाओं को भेजी गई। छापेमारी में बैंक लेनदेन, एलसी, बैंक गारंटी, अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। इनसे कथित मनी ट्रेल की जांच में मदद मिलने की उम्मीद है। मामले की जांच जारी है।